रंगीला गांधी हिंदी में पीडीएफ फाइनल डाउनलोड | Rangila Gandhi In Hindi PDF Final Download

रंगीला गांधी हिंदी में पीडीएफ फाइनल डाउनलोड | Rangila Gandhi In Hindi PDF Final Download

सभी हिंदी पुस्तकें पीडीएफ Free Hindi Books pdf

पुस्तक डाउनलोड करे

पुस्तक ख़रीदे

श्रेणियो अनुसार हिंदी पुस्तके यहाँ देखें

अगर इस पेज पर दी हुई सामग्री से सम्बंधित कोई भी सुझाव, शिकायत या डाउनलोड नही हो रहे हो तो नीचे दिए गए Contact Us बटन के माध्यम से सूचित करें। हम आपके सुझाव या शिकायत पर जल्द से जल्द अमल करेंगे

hindi pustak contactSummary of Book / बुक का सारांश 

Hypocrite, hypocrite, protector of capitalists and special officers, enemy of workers and dalits, enemy of revolutionary patriots and staunch opponent of socialism. The confirmation of this statement of ours are efforts on behalf of Indian conservatives and capitalists to make Gandhi’s ideology and Gandhi philosophy universal and make it permanent by making general and American people in particular. The Gandhians of both India and America are making Gandhi’s public welfare program popular by spending crores of rupees through films and other publicity means? All they want is that the socially and economically backward people continue to live a life of slavery and completely abandon their anger towards their masters and administrators, stop talking of revolution against their owners-capitalists. Considering what is being given by the capitalists as his fate (?), he kept silently accepting it. Gandhians want to exploit the common man, especially the socially and economically backward classes, by giving the opium of religion and non-violence.

freehindipustak पर उपलब्ध इन हजारो बेहतरीन पुस्तकों से आपके कई मित्र और भाई-बहन भी लाभ ले सकते है – जरा उनको भी इस ख़जाने की ख़बर लगने दें | 

पाखण्डी, ढोंगी, पूंजीपतियों व विशेष अधिकारियों का रक्षक,मजदूरों व दलितों का दुश्मन, क्रांतिकारी देश-भक्तों का शत्रु और समाजवाद का कट्टर विरोधी था. _हमारे इस कथन की पुष्टि भारतीय रुढ़िवादियों व पूंजीपतियों की ओर से आम करके और अमरीका वासियों की ओर से विशेष करके गांधी जी की विचारधारा व गांधी दर्शन को विश्वव्यापी बनाने और उसे स्थायी रूप प्रदान करने के प्रयास हैं. भारत और अमरीका दोनों देशों के गांधीवादी यानी गांधीभक्त करोड़ों रुपये फिल्मों व अन्य प्रचार साधनों द्वारा खर्च करके गांधी जी के जन-कल्याणकारी कार्यक्रम को लोकप्रिय बना रहे हैं ? वे केवल यही चाहते हैं कि सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े हुए लोग दासता का जीवन जीते रहें और अपने मालिकों व प्रशासकों के प्रति अपनी रोष-भावना का पूर्णतः परित्याग कर दें, अपने मालिकों-पूंजीपतियों के विरुद्ध क्रांति की बातें करना छोड़ दें. जो कुछ पूंजीपतियों की ओर से दिया जा रहा है उसे अपना भाग्य (?) समझते हुए चुपचाप स्वीकार करते रहे. गांधीवादी मजहब और अहिंसा की अफीम देकर जन-साधारण का विशेषतः सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों का शोषण करना चाहते हैं.

Connect with us / सोशल मीडिया पर हमसे जुरिए 

telegram hindi pustakhindi pustak facebook