लिंग पुराण पीडीएफ इन हिंदी फाइनल डाउनलोड | Linga Puran PDF IN Hindi Final Download

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hindi pustak contactSummary of Book / बुक का सारांश 

देवाधिदेव भगवान शंकर की महिमा से युक्त यह लिंग पुराण १८ पुराणों में अपना विशेष महत्व रखता है। इसमें भूत भावन परम कृपालु शंकरजी के ज्योतिर्लिंगों के उद्भव की परम पावन कथा है। इसमें ईशान कल्प का वृतान्त, सम्पूर्ण सर्ग, विसर्ग आदि दश लक्षणों से युक्त लोक कल्याण के लिए कहा गया है । १८ पुराणों की संख्या करते समय नारद पुराण के अनुसार यह ग्यारहवां महा पुराण है।
नारद पुराण के अध्याय १०२ में लिंगपुराण की विषय सूची दी गई है। नारण पुराण के अनुसार ‘यह पुराण धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष’ चारों पदार्थों का देने वाला है। यह पढ़ने सुनने वालों को भक्ति और मुक्ति प्रदान करता है। भगवान शंकर के महात्म्य को बताने वाले इसमें ११००० श्लोक हैं । यह सभी पुराणों में उत्तम कहा गया है।
भगवान वेद व्यास रचित इस ग्रन्थ में पहले योग का आख्यान फिर कल्प का आख्यान है। इसके बाद लिंग का प्रादुर्भाव तथा उसकी पूजा बताई गई है, सनत्कुमार तथा शैलादि के बीच सुन्दर सम्वाद का वर्णन है। फिर दधीचि का चरित्र तथा युग धर्म का वर्णन है। इसके उपरान्त आदि सर्ग का विस्तार से कथन तथा त्रिपुर का आख्यान है। इसमें लिंग प्रतिष्ठा, पशुपाश विमोचन, विश्वव्रत, सदाचार निरूपण, प्रायश्चित, अरिष्ट काशी एवं श्रीशैल का वर्णन, अन्धकासुर की कथा, वाराह भगवान का चरित्र, नरसिंह चरित्र, जलन्धर का वध, शिवजी के हजार नामों का कथन, काम दहन, पार्वती विवाह,

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This Linga Purana, with the glory of Lord Shankar, has its special significance in the 14 Puranas. In it, Bhoot Bhavana is the Holiness story of the emergence of Jyotirlingas of the supremely compassionate Shankar. In this, the story of Ishaan Kalp, full canto, Visarga etc. has been asked for public welfare with ten symptoms. It is the eleventh Maha Purana according to the Narada Purana while numbering the 14 Puranas.
Chapter 102 of the Narada Purana gives a list of lingapuranas. According to Naran Purana, ‘This Purana is the giver of all four things, religion, meaning, work, salvation’. It provides devotion and liberation to the listeners of reading. There are 11000 verses in it which tell the greatness of Lord Shankar. It is said to be the best in all the Puranas.
In this book composed by Lord Ved Vyas, the first is the narrative of yoga and then the story of kalpa. After this, the appearance and worship of the linga is described, there is a description of the beautiful communication between Santkumar and Shailadi. Then there is a description of Dadhichi’s character and Yuga Dharma. After this, there is a detailed statement of the Adi Canto and the narrative of Tripur. It includes gender prestige, animal release, Vishwavrata, virtue formulation, atonement, description of Arisht Kashi and Srisail, story of Andhakasura, character of Varaha God, Narasimha character, slaughter of Jalandhar, statement of thousand names of Shiva, Kama Dahan, Parvati marriage,

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