कामना द्वारा जय शंकर प्रसाद हिंदी में पीडीएफ फाइनल डाउनलोड | Kamana By Jaya Shankar Prasad In Hindi PDF Final Download

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hindi pustak contactSummary of Book / बुक का सारांश 

Wish – these withered flowers, uh – pick the buds, knead and knead them, then wear them somewhere. Come on, it doesn’t take long for them to cry. Now look, bow your head; Instead of aroma and taste, a pressed hot sauce starts coming out in them. (Breaking the necklace and throwing it, she wants to say something. Seeing two men coming, she becomes silent. She goes under the cover of the tree. One comes with a plow and the other with a shovel)
Santop-Brother, I didn’t even know the sun.
Vinod – We are feeling thirsty. The day hasn’t even come yet.
Santosh – Sit in the heart for a while and talk and talk.
Humor-work has been done for us, what to do now.
Santosh – Right now no new land is being broken for the family of Gods, you will have to walk for help in that.
There is a lot of progress in Vinod Farms. You will save a lot from yourself. If needed, I will give.

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कामना-यह मुरझाये हुए फूल, उह-कलियाँ चुनो, उन्हे गूंधो और सनाओ, तब कही पहनो । लो, इन्हे रूठने मे भी देर नहीं लगती। नब देखो, सिर झुका लेते हैं; सुगंध और रुचि के बदले इनमे एक दबी हुई गर्म सॉस निकलने लगती है । (हार तोड़कर फेकती हुई और कुछ कहा चाहती है। दो मनुष्यों को आते देख चुप हो जाती है। वृक्ष की ओट में चली जाती है। एक हल और दूसरा फावड़ा लिये आता है)
सन्तोप-भाई, आन धूप मालूम भी नही हुई।
विनोद-हमे तो प्यास लग रही है। अभी तो दिन भी नहीं चढ़ा।
सन्तोष-थोड़ी देर छोह में बैठ नायँ-बातें करें।
विनोद-काम तो हम लोगों का हो चुका, अब करना ही क्या है।
सन्तोष-अभी देव-परिवार के लिए नो नई भूमि तोड़ी ना रही है, उसमे सहायता के लिए चलना होगा।
विनोद-खेतो मे बहुत अच्छी उन्नति है। अपने से बहुत बच रहेगा। आवश्यकता होगी, तो दूंगा।

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